सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि कांवड़ियों के रात्रि विश्राम के क्षेत्र में सुरक्षा और जनसुविधा के पर्याप्त प्रबंध होने चाहिए।

हाल ही में विवादित और भड़काऊ बयान से कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने दो टूक कहा है कि शरारती तत्व दूसरे संप्रदाय के लोगों को उत्तेजित करने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों पर नजर रखें। ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति (Zero Tolerance Policy) अपनाने के सख्त निर्देश के साथ सीएम योगी ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान खुद मौके पर पहुंचें।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि कांवड़ियों के रात्रि विश्राम के क्षेत्र में सुरक्षा और जनसुविधा के पर्याप्त प्रबंध होने चाहिए।

ये भी दिए निर्देश

  • प्रत्येक कार्यालय में मूवमेंट रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखा जाए, जिसमें कार्यालय से बाहर जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी का विवरण रहे।
  • फील्ड में तैनात वरिष्ठ अधिकारी तहसील, ब्लाक, सर्किल का औचक निरीक्षण करते रहें।
  •  बेसिक शिक्षा अधिकारी, सीएमओ, डीआइओएस आदि हर दिन किसी न किसी अपने अधीनस्थ एक कार्यालय का औचक निरीक्षण करें।
  •  अधिकारी फील्ड का नियमित भ्रमण करते हुए क्षेत्र में रात्रि निवास करें। रेंज और जोन स्तर के अधिकारी अलग-अलग जिलों में रात्रि विश्राम करें।
  • जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान माह में कम से कम एक बार अलग-अलग तहसील, सर्किल में बारी-बारी से रात्रि विश्राम करें।
  • डीएम-एसपी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सतत संपर्क बनाए रखें। उनके सुझावों पर ध्यान दें। उनके पत्रों का त्वरित निस्तारण करें। फोन रिसीव न कर सकें तो कालबैक करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर दोहराया है कि यातायात बाधित कर सड़कों पर किसी प्रकार के धार्मिक क्रियाकलाप की अनुमति नहीं दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धार्मिक जुलूसों या यात्राओं में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर पुलिस और प्रशासन कड़ी कार्रवाई करें।

सीएम योगी आदित्यवाथ ने सोमवार को मंडल, रेंज, जोन और जिलों में तैनात पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने सरकारी आवास से वीडियो कान्फ्रेंसिंग की। कांवड़ यात्रा, जनशिकायतों के निस्तारण और कानून व्यवस्था की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि श्रावण माह में कई आयोजन होंगे। शिवालयों में सामान्य से अधिक लोगों की उपस्थिति होगी। आयोजकों या मंदिर प्रबंधन से पहले से समन्वय बनाकर रखें।

त्वरित कार्रवाई और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होता है। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान खुद मौके पर पहुंचें। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें। सेक्टर स्कीम लागू करें। योगी ने कहा कि शरारती तत्व दूसरे संप्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने का कुत्सित प्रयास कर सकते हैं। ऐसे मामलों पर नजर रखें।

शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टालरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए। ऐसे लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। निर्देश दिए कि धार्मिक यात्राओं, जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन न हो।

ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हों। थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठितजन के साथ संवाद करें। यातायात बाधित कर सड़कों पर किसी प्रकार के धार्मिक क्रियाकलाप की अनुमति नहीं है। इसका कड़ाई से पालन होना चाहिए।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि कांवड़ियों के रात्रि विश्राम के क्षेत्र में सुरक्षा और जनसुविधा के पर्याप्त प्रबंध होने चाहिए। पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग करे। पीआरवी 112 सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार को सभी जिलों में आस्था और उत्साह के साथ श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। यह हमारी अच्छी तैयारी का ही परिणाम है कि सभी जगह स्थिति शांतिपूर्ण रही।

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